मास्क तो पहनिए ही, दो गज की दूरी भी बहुत जरूरी
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लखनऊ : अगर आपको भी खाने की चीज़ें में स्वाद नहीं मिल रहा है या फिर आस—पास की गंध महसूस नहीं हो रही है तो सावधान हो जाइये। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार आपके अन्दर भी कोरोना वायरस के लक्षण पाए जा सकते हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 17.8 करोड़ से ज्यादा हो गई है। अमेरिका में इससे 1.5 लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई है। वहां 47 लाख लोग संक्रमित हैं। भारत में भी कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 17 लाख के पार चली गई है। इसकी दवा अब तक उपलब्ध नहीं है। इसलिए इससे बचाव ही एकमात्र रास्ता है।
बीबीडी यूनिवर्सिटी लखनऊ की बीएजेएमसी छात्रा मान्या अस्थाना का कहना है कि कोरोनावायरस का प्रकोप तब सामने आया जब 31 दिसंबर, 2019 को चीन ने हुबेई प्रांत में वुहान सिटी में अज्ञात कारण से निमोनिया के मामलों के एक समूह के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को सूचित किया। तब से, दुनिया भर में कोविड-19 के कारण 6 लाख से अधिक मौतें हुई हैं। भारत सहित 180 से अधिक देशों से इसके मामले सामने आ चुके हैं। दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी आबादी, वाले देश भारत को अपनी आबादी के बीच गंभीर कोरोना वायरस के संचरण को नियंत्रित करने में कठिनाई होगी। इसके वर्तमान प्रकोप को संभालने के लिए कई रणनीतियां अत्यधिक आवश्यक होंगी। भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसके हाल ही के प्रकोप के बारे में जागरूकता बढ़ाई है।
कोरोना वायरस से लड़ते हुए हमारी सुरक्षा के लिए कई कोरोना वॉरियर्स ने भी अपनी जान गवाई है। नाकि सिर्फ डॉक्टर्स और नर्स ने इसके इलाज में मदद करी है बल्कि पुलिस ऑफिसर्स ने भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाते हुए कदम-कदम पर हमारा साथ दिया है। शोध के अनुसार लगभग 80% पुष्ट मामले बिना किसी गंभीर जटिलताओं के इस बीमारी से ठीक हो जाते हैं। हालांकि, कोविड-19 से संक्रमित हर छह लोगों में से एक गंभीर रूप से बीमार हो सकता है और साँस लेने में कठिनाई विकसित कर सकता है। इसलिए मास्क लगाना, अल्कोहॉल आधारित हैंड सेनिटाइज़र का प्रयोग करना,अपने हाथों को समय-समय पर धोना और जरूरी काम न होने पर घर पर ही रहना आदि बातें हमें ध्यान रखनी होंगी। यदि आप भी कोरोना संक्रमित जगह से आये हैं तो अपने आप को 14 दिनों के लिए संगरोध करें।
मान्या अस्थाना का कहना है कि कोरोना वायरस ने आपूर्ति के स्रोतों को प्रभावित किया और साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। एक देश से दूसरे देश की यात्रा करने पर प्रतिबंध भी लगाया गया। इसकी गम्भीरता का पता इससे लगाया जा सकता है कि भारत में पहली बार रेलवे की व्यवस्था तक को रोक दिया गया था। स्कूल अथवा कॉलेज तो अभी तक बंद हैं। सभी सरकारें, स्वास्थ्य संगठन और अन्य प्राधिकरण कोविड-19 से प्रभावित मामलों की पहचान करने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हेल्थकेयर पेशेवर इन दिनों स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने में बहुत कठिनाइयों का सामना भी कर रहे हैं। एक जिम्मेदार नागरिक होते हुए अब हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम अपनी अथवा अपने आस-पास के लोगों की स्वयं सुरक्षा करें। सरकार ने प्रचार भी कराया कि जब तक वैक्सीन नही बन जाती तब तक कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का एक ही उपचार है दो गज दूरी मास्क बहुत जरूरी केवल इस मंत्र के प्रयोग से ही अब बचा जा सकता है।