जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और राज्य को दो हिस्सों में बांटने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में सुनवाई करेगी. आज चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने मामले को संविधान पीठ में भेज दिया. बेंच ने कहा है कि अक्टूबर के पहले हफ्ते में 5 जजों की बेंच मामले को सुनेगी. फिलहाल कोर्ट ने अनुच्छेद 370 को बेअसर करने वाले संविधान संशोधन और राज्य के पुनर्गठन के कानून पर रोक नहीं लगाई है.
कानून के जानकार कोर्ट के आज के आदेश को सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं. उनका कहना है कि जब किसी संविधान संशोधन को चुनौती दी जाती है तो उसकी सुनवाई संविधान पीठ में होती है. कोर्ट इस बात को जरूरी मानता है कि संशोधन का विरोध कर रहे हैं पक्ष को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिले. साथ ही, सरकार को भी मौका दिया जाता है कि वह अपने कदम को सही ठहरा सके. ऐसे में सुनवाई लंबी चलती है. अक्टूबर में इसकी शुरुआत होगी.