प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के एलान के बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इस दिशा में युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। मंत्रालय की सबसे बड़ी चिंता शीतल पेय और मिनरल वाटर की बोतल, दूध की थैलियां और चिप्स जैसी चीजों की पैकिंग में प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने की है।
मंत्रालय का मानना है कि दैनिक इस्तेमाल वाला प्लास्टिक बहुत कम बार रिसाइकल हो पाता है। लोगों में स्वयं ऐसे प्लास्टिक को इस्तेमाल न करने की इच्छा होगी तभी निर्माता कंपनियां वैकल्पिक पैकेजिंग पर विचार करेंगी। जागरूक करने के लिए मंत्रालय व्यापक स्तर पर अभियान चलाएगा। राज्य सरकारों से लेकर नगर निगमों के स्तर तक स्थानीय शासन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी।