लखनऊ। जनपद भदोही में केंद्र सरकार की जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को अनियमित भुगतान का मामला सामने आया है। वर्ष 2017 से 2021 के बीच जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में गड़बड़ी पकड़ में आई है। ऑडिट टीम ने जांच कर आपत्ति जाहिर की। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर महानिदेशक प्रशिक्षण ने भी मामले की जांच की। जिसमें अनियमित्ता उजागर हुई। डिप्टी सीएम ने तत्कालीन सीएमओ डॉ. जीबीएस लक्ष्मी की तीन वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए हैं। भदोही में वित्तीय वर्ष 2017 से 2021 के बीच जननी सुरक्षा योजना में ऑडिट टीम की जांच की। जिसमें लाभार्थियों को कई-कई बार अनियमित भुगतान किये जाने का मामला पकड़ में आया। वित्तीय अनियमितताएं व चिकित्सकीय सामग्री के क्रय में वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया। अनियमितताओं के संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबन्ध निदेशक के निर्देश पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने जनवरी 2022 में त्रिस्तरीय जांच समिति गठित की। कमेटी ने तत्कालीन सीएमओ डॉ. लक्ष्मी से लगातार समस्त अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखे लेकिन डॉ. लक्ष्मी ने कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया।
मामला डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के संज्ञान में आया। उन्होंने तत्कालीन महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ. नरेन्द्र अग्रवाल से पूरे प्रकरण की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में डॉ. लक्ष्मी को उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक से न करने एवं वित्तीय अनियमितता संबंधी समस्त आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट के आधार पर डिप्टी सीएम ने मौजूदा समय में जौनपुर की मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जीबीएस लक्ष्मी की तीन वेतनवृद्धियों स्थायी रूप से रोकते हुए परिनिन्दा का दण्ड दिया गया है। वहीं, फतेहपुर में डिप्टी सीएमओ डॉ. निशान्त एस शहाबुद्दीन पर बलिया में तैनाती के दौरान लोक सेवा आयोग के दायरे में आने वाले दस वाहन चालकों की अनियमित ढंग से नियुक्ति करने का आरोप लगे। जांच में आरोप सही मिले। डिप्टी सीएम ने डॉ. शहाबुद्दीन की दो वेतनवृद्धियों स्थायी रूप से रोकते हुए परिनिन्दा का दण्ड दिया है।
उधर, बस्ती स्थित कैली में ओपेक चिकित्सालय के डॉ. पराग अग्रवाल पर जेपी नगर, जिला चिकित्सालय में तैनाती के दौरान फर्जी मेडिकोलीगल करने के आरोप लगे। जांच में आरोप सही पाए गए। डिप्टी सीएम ने एक वेतनवृद्धि स्थायी रूप से रोकते हुए परिनिन्दा का दण्ड दिया है। उधर, बहराइच सीएमओ के अधीन डॉ. मिथिलेश कुमार ने बलरामपुर के पचपेड़वा में प्रभारी अधीक्षक के पद पर रहते हुए टीकाकरण एवं जनहित से जुड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों में उदासीनता बरती। लापरवाही के आरोपों की जांच में डॉ. मिथिलेश दोषी पाए गए। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने डॉ. मिथिलेश की दो वेतनवृद्धि दो वर्ष के लिए रोकते हुए परिनिन्दा का दण्ड दिया है।
यदि कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी सोचता है कि वह अनियमितता करके स्थानान्तरण या रिटायरमेंट के बाद दोष या दण्ड से बच जायेगा तो वह गलत है। रिटायरमेंट के बाद भी ऐसे डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी बच नहीं पायेंगे। सरकार सख्त कार्यवाही करेगी। इसलिए सभी कार्य नियमों के तहत करें।
ब्रजेश पाठक, डिप्टी सीएम
गैरहाजिर तीन डॉक्टरों पर गिरी गाज
लंबे समय से बिना किसी सूचना के गैरहाजिर डॉक्टरों पर गाज गिरी है। डिप्टी सीएम ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा को तीनों डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसमें सहारनपुर टीबी सेनेटोरियम के डॉ. संजीव कुमार जैन, आगरा स्थित पिनाहट जगतपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के डॉ. अमित कुमार और बलिया सोनवानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश कुमार सिंह शामिल हैं।