शाश्वत तिवारी। भारत सरकार ने अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के हिस्से के रूप में 10 उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं (एचआईसीडीपी) को लागू करने के लिए नेपाल के साथ कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास नेपाल के संघीय मामलों और सामान्य प्रशासन मंत्रालय तथा स्थानीय परियोजना एजेंसियों के बीच समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति में पहल के लिए कुल 62.5 करोड़ नेपाली रुपये का अनुदान आवंटित किया गया।
परियोजनाओं में कोशी, बागमती, लुंबिनी, करनाली और सुदूरपश्चिम प्रांतों में स्कूल, हेल्थ पोस्ट्स, एक अस्पताल और एक मठ के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। ये विकास नेपाल के स्थानीय अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए निष्पादित किए जाएंगे।
भारतीय दूतावास ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा वर्ष 2003 से भारत ने नेपाल में 573 से अधिक एचआईसीडीपी शुरू की हैं, जिनमें वे 10 परियोजनाएं भी शामिल हैं, जिनके सहमति पत्रों पर आज हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें से सभी सात प्रांतों में 495 परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कें और पुल, नदी प्रशिक्षण, पेयजल, विद्युतीकरण, सिंचाई, संस्कृति, सामाजिक कल्याण और सार्वजनिक उपयोगिताओं जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। शेष परियोजनाएं पूरी होने के विभिन्न चरणों में हैं।
दूतावास ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और नेपाल करीबी पड़ोसी होने के नाते व्यापक एवं बहु-क्षेत्रीय सहयोग में शामिल हैं। इन एचआईसीडीपी के माध्यम से भारत सरकार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करके नेपाल के विकास और वृद्धि के प्रयासों का समर्थन करना जारे रखे हुए है।