लावरोव के अनुसार,’राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय पीएम से मिले निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है.’ पुतिन के इस दौरे को अहम माना जा रहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध पर विराम लगने की उम्मीद है. वहीं दोनों देशा के बीच रिश्ते और मजबूत होने की संभावना है. पीएम मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल के बाद पहली बार विदेश यात्रा में रूस का दौरा किया था. अब पुतिन के आने से यह संकेत मिल रहे हैं कि कोई बड़े फैसले पर रूस निर्णय ले सकता है.
युद्ध किसी तरह का समाधान नहीं
इस यात्रा के दौरान मोदी और पुतिन दोनों के बीच यूक्रेन युद्ध, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद हुए वैश्विक बदलावों और अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. भारत ने यूक्रेन युद्ध पर हमेशा से तटस्थ रुख अपना रखा है. पीएम मोदी ने पुतिन से यह कहा था कि युद्ध किसी तरह का समाधान नहीं है. इस बीच भारत ने रूस के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में पारित प्रस्तावों पर वोट करने से परहेज किया.
दोनों देशों का दौरा किया
बीते साल प्रधानमंत्री मोदी ने रूस और यूक्रेन दोनों देशों का दौरा किया था. उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेन्स्की से भी मुलाकात की. इसके साथ प्रधानमंत्री मोदी अक्टूबर में रूस के कजान में ब्रिक्स समिट के लिए भी गए. यहां पर पुतिन से मिले. पुतिन का आगामी दौरा दोनों देशों के बीच रिश्तों को और ताकत दे सकता है. रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभाव को लेकर भी बातचीत का रास्ता खोल सकता है.
अंतिम बार 2021 में भारत आए थे पुतिन
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने 2021 में भारत की यात्रा की थी. उस समय वे मात्र 4 घंटे के लिए भारत आए थे. इसी बीच भारत-रूस के बीच 28 समझौते पर हस्ताक्षर हुए. इसमें सैन्य और तकनीकी समझौते भी जुड़े थे.