लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले 8 वर्षों में प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। इस दौरान संकल्प परियोजना (आजीविका संवर्धन के लिए कौशल अधिग्रहण और ज्ञान जागरूकता) ने युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत सरकार और विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से संचालित इस परियोजना ने प्रदेश में न केवल कौशल प्रशिक्षण को आधुनिक और समावेशी बनाया, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। बीते आठ वर्षों में योगी सरकार की सेवा, सुरक्षा और सुशासन की नीति के तहत संकल्प परियोजना ने उत्तर प्रदेश को कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया है, जो युवा शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुई है।
संकल्प परियोजना ने योगी सरकार के 8 वर्षों में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन को नई दिशा दी है। यह परियोजना न केवल युवाओं को रोजगार के लिए तैयार कर रही है, बल्कि वंचित समुदायों को सशक्त बनाकर सामाजिक समावेशन को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल शिक्षा, औपचारिक शिक्षा से तालमेल, और आधुनिक तकनीक पर जोर देकर संकल्प परियोजना ने उत्तर प्रदेश को कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाया है।
संकल्प परियोजना के क्रियान्वयन से स्किल ईको सिस्टम में आया क्रांतिकारी बदलाव
प्रदेश के स्किल ईको सिस्टम में गुणात्मक सुधार लाने और युवाओं को रोजगार के लिए सक्षम बनाने के लिए संकल्प परियोजना के तहत वर्ष 2019-20 में भारत सरकार से 74.48 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत कराया गया। इसके लिए कई नवाचारी और संस्थागत हस्तक्षेप किए गए, जिसमें जिला कौशल विकास योजना (डीएसडीपी) की तैयारी, क्षेत्रीय स्तर पर कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकताओं और रोजगार संभावनाओं के आधार पर प्रशिक्षण योजनाओं का संचालन, कौशल प्रतियोगिताओं और रोजगार मेलों का आयोजन को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। पहली बार जिला कौशल समिति के माध्यम से डीएसडीपी का निर्माण कराया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी करते हैं। वर्ष 2021-22 में डीएसडीपी की सिफारिशों के आधार पर लक्ष्य आवंटन सुनिश्चित किया गया, जिससे क्षेत्रीय सहभागिता के साथ कौशल प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक बनाया गया है।
उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर युवाओं और महिलाओं का किया गया सशक्तीकरण
उत्तर प्रदेश में संकल्प परियोजना द्वारा युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इन्टरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के माध्यम से अभिमुखीकरण कार्यक्रम संचालित किए गए। इसके तहत जनपद गोरखपुर में 1,475 युवा उद्यमियों और उत्साही युवाओं को लाभान्वित किया गया। स्वरोजगार की संकल्पना को साकार करने के लिए आरडीटी मॉडल के आधार पर अनुसूचित जाति/जनजाति की 660 महिलाओं को मीडिया एंड एंटरटेनमेंट सेक्टर में प्रशिक्षण दिया गया। इन प्रयासों ने न केवल युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया, बल्कि वंचित समुदायों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल को युवा शक्ति के सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य हर युवा को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे न केवल नौकरी पाएं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें।
यूपी में डिजिटल और औपचारिक शिक्षा से जोड़ा गया कौशल प्रशिक्षण
योगी सरकार ने संकल्प परियोजना के जरिए कौशल प्रशिक्षण को डिजिटल और औपचारिक शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रदेश के युवाओं को किसी भी समय और स्थान से निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण की सुविधा देने के लिए एनसीवीईटी द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रमों के डिजिटल संस्करण लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाले 63,000 छात्र-छात्राओं को उनके नियमित पाठ्यक्रम के साथ निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही, इंजीनियरिंग कॉलेजों को प्रशिक्षण प्रदाताओं के रूप में अनुबंधित कर उनकी अवस्थापना और फैकल्टी का उपयोग सुनिश्चित किया गया, ताकि उच्च स्तरीय कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।
संकल्प परियोजना ने समाज के उपेक्षित वर्गों को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया। महिला संरक्षण गृह की संवासिनियों, किशोर सुधार गृह के किशोरों और कारागार बंदियों को आजीविका के लिए सक्षम बनाने के लिए 2,958 व्यक्तियों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया। दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए गए, जिसमें 2,200 दिव्यांगजनों को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया। इसके साथ ही, 10,000 महिला प्रशिक्षणार्थियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण और निर्भया किट प्रदान की गई। प्रशिक्षणार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप कैरियर चुनने में मदद के लिए कैरियर काउंसलिंग एजेंसी के माध्यम से 1,00,000 प्रशिक्षणार्थियों को लाभान्वित किया गया। इन प्रयासों ने वंचित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन में सम्मानजनक बदलाव लाया।
स्किल ईको सिस्टम को आधुनिक तकनीक के अनुरूप किया सुदृढ़
आधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए आईआईटी मंडी (हिमाचल प्रदेश) में 100 छात्रों, 50 राजकीय आईटीआई अनुदेशकों और 50 विज्ञान शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और एडवांस कम्प्यूटिंग में प्रशिक्षण दिया गया। उत्तर प्रदेश आईटी-आईटीईएस नीति 2022 के तहत उद्योगों में आईटी प्रशिक्षित कर्मियों की मांग को पूरा करने के लिए औद्योगिक प्रतिष्ठानों को ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) सहयोगी के रूप में अनुबंधित करने की गाइडलाइंस तैयार की गईं। इन कदमों ने स्किल ईको सिस्टम को आधुनिक तकनीक के अनुरूप सुदृढ़ किया और युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया।