कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, सदन में ये सब चीजें हमारे सामने ही होती हैं। जिस दिन प्रधानमंत्री ने महाकुंभ पर स्टेटमेंट दिया, तो उस दौरान सभी दलों को उस पर बोलने का अधिकार था। अमर सिंह ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने क्यों नहीं दिया गया? वो काफी देर तक खड़े रहे और स्पीकर साहब ने बोलने नहीं दिया। ऐसा पहली बार नहीं, बल्कि कई बार हुआ है कि सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता है, राहुल गांधी का आरोप सही है।
कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने पंजाब सरकार के बजट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, केजरीवाल ने कहा था कि याद रखिए कि कांग्रेस और अकाली दल ने पंजाब को कर्ज तले दबा दिया है और हम पंजाब को इस कर्ज से बाहर निकालेंगे। मैंने हर साल 54,000 करोड़ रुपये की आय की व्यवस्था की है, जिसमें से 20,000 करोड़ रुपये में अकेले खनन से लाऊंगा। तो, मुझे यह बताइए कि जब उन्होंने (आम आदमी पार्टी) ने सत्ता संभाली थी, तब कर्ज लगभग 2,80,000 करोड़ रुपये था और अब यह 4,25,000 करोड़ रुपये है। राजस्व कहां गया? अगर 20 हजार करोड़ सालाना होता, तो 60 हजार करोड़ कहां गया? इन लोगों के ऊपर तो बहुत सारे सवाल हैं। तीन साल के बाद उनको नशे की याद आई, जब पूरा पंजाब बर्बाद हो गया।
उन्होंने आगे कहा, पंजाब की कई यूनिवर्सिटी ने ड्रग्स सेंसस काफी बार कराया है। केजरीवाल और भगवंत मान की एक ही नीति है कि लोगों को गुमराह करके वोट लो। तीन साल तक तो उन्होंने कुछ काम नहीं किया है, लेकिन अब बोल रहे हैं कि कुछ नया करेंगे। दिल्ली हारने के बाद वे पंजाब में शुरू हो गए।
पंजाब बॉर्डर पर नशे के व्यापार को रोकने के लिए 5 हजार होमगार्डों की नियुक्ति को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। अमर सिंह ने कहा, एक लाख पुलिस पंजाब के पास है, और अब भी कौन सी कमी है? अगर उन्हें भर्तियां करनी हैं, तो करें, सवाल यह है कि पंजाब सरकार ने अब तक क्या किया है। जो हाल पंजाब सरकार का है, वही हाल केंद्र सरकार का भी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी ड्रग्स के रैकेट पर कार्रवाई करने को लेकर सिर्फ बड़े-बड़े बयान देते हैं, तो वह इसे रोक क्यों नहीं सकते हैं। भारत सरकार बाहर से आ रहे नशे को नहीं रोकती और पंजाब सरकार घर के अंदर पहुंच रहे नशे के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाती है।