लखनऊ: दिनांक 23.3.2025 को पूर्वाह्ण 10 बजे से केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर के सभागार में अन्तरराष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन दीप प्रज्ज्वालन, कुलगीत और वैदिक मंगलाचरण से आरम्भ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. सर्वनारायण झा ने कहा कि साहस, दुःसाहस, सत्य और असत्य, चंचलता और उच्छृंखलता, माया और ममता, भय और निर्भय, विवेक और अविवेक, पवित्रता और अपवित्रता तथा दया और निर्दयता का अन्तर पारम्परिक रूप से परिवार की स्त्रियां समझा करती थीं। वैदिक काल में स्त्रियां सशक्त थीं, जिसका उदाहरण गार्गी, मैत्रेय आदि हैं। इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग के डा. भुवनेश्वरी भारद्वाज सहित पांच महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिसमें स्वच्छता कर्मचारी श्रीमती फूल खातून का विशेष सम्मान किया गया। उक्त अवसर पर डॉ. भुवनेश्वरी भारद्वाज उपस्थित रही, जिन्होंने कहा कि पश्चिमी दुनिया में स्त्री सशक्तिकरण आन्दोलन की पृष्ठभूमि भारतीय पारम्परिक पृष्ठभूमि से भिन्न रही है। महिलाओं और लडकियों के अधिकारी, समानता और सशक्तीकरण के लिये इस वर्ष का अन्तरराष्ट्रीय महिला सशक्तीकरण का थीम है- तेज कार्यवाही।
छात्रावास दिवस का समापन
आज दूसरे दिन छात्रावास दिवस का समापन धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर छात्राओं के द्वारा नृत्य, संगीत और शास्त्रचर्चा की गयी। अन्त में शास्त्रचर्चा के लिए प्रथम सत्यम, ने प्रथम, द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
वार्षिकोत्सव सम्पन्न
आज दिनांक 23.3.205 को अपराह्ण 3 बजे वार्षिकोत्सव सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किये गये। साथ ही पूरे वर्ष भर जो शैक्षिक और क्रीडा गतिविधियां चली उसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। जिसका विवरण निम्नलिखित है-
प्राक्शस्त्री प्रथमवर्ष शिवम तिवारी, प्राक्शास्त्री द्वितीय वर्ष कात्यायनी, शास्त्री प्रथमवर्ष हषित तिवारी, शास्त्री द्वितीय वर्ष सत्य प्रकाश तिवारी, शास्त्री तृतीय वर्ष- एकता चन्द्र सौण्डिक तथा अपूर्व मिश्रा, आचार्य प्रथम वर्ष साहित्य में सर्वज्ञा श्रीयम, वेद में गोपाल मिश्रा, व्याकरण में अभिमन्य त्रिपाठी, फलित ज्योतिष सिद्धान्त तिवारी, बौद्धदर्शन अखिलेश प्रताप सिंह, पालि में हीरा लाल व रामस्वरूप अहीरवार, आचार्य द्वितीय वर्ष साहित्य में छाया रस्तोगी, वेद में शिवम पाण्डेय, व्याकरण विजय प्रकाश शुक्ला फलित ज्योतिष अश्वनी कुमार पाण्डेय, बौद्धदर्शन रंजीता, पालि नागार्जुन विष्ट, शिक्षाशास्त्री प्रथम वर्ष गरिमा तिवारी, शिक्षाशास्त्री द्वितीय वर्ष रेनू पाल।
परिसर के संस्कृत के उत्कृष्ट शिक्षक प्रो. देवीप्रसाद द्विवेदी, प्रो. भारत भूषण त्रिपाठी, प्रो. धनीन्द्र कुमार झा, डॉ. रुद्रनारायण नरसिंह मिश्र डॉ. गोविन्द पौडेल एवं अनुभाग अधिकारी श्री गुरुप्रसाद का सम्मान अंगवस्त्र माला आदि देकर परिसर निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने किया। अध्यक्षीय उद्बोधन प्रो. सर्वनारायण झा ने किया।
शैक्षणिक पुरस्कार वितरण डॉ. अनिरुद्ध नारायण शुक्ल ने किया, क्रीडा पुरस्कार वितरण डॉ. ज्योति सिंह ने एवं नाटक के पुरस्कार वितरण डा. रुद्रनारायण नरसिंह मिश्र ने किया। नाटक में प्रतिभागियों को क्षेत्रीय स्तर एवं अखिल भारतीय स्तर पर विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। जिसमें आयुष मिश्र, हरिओममणि त्रिपाठी, आनन्दी अग्रवाल प्रमुख थे। छात्रावास दिवस तथा वार्षिकोत्सव के अन्तर्गत भाग लेने वाले प्रतिभागियों में से काजल, सृष्टि प्रताप और आनन्दी को विशेष पुरस्कार दिया गया। शैक्षिक स्पर्धा में प्रतिभाग किये हुए प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। क्रीडा स्पर्धा के अन्तर्गत सर्वश्रेष्ठ खिलाडी बालक वर्ग के सत्यम तथा बालिका वर्ग के दिनाक्षी को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन प्रो. गणेश शंकर विद्यार्थी ने एवं सञ्चालन प्रो. भारत भूषण त्रिपाठी ने किया।