इंडोनेशिया में बुधवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 दर्ज की गई. भूकंप आने से लोग सहम गए और अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए. फिलहाल कहीं से जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है.
इंडोनेशिया में बुधवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. जिससे लोग बुरी तरह से दहशत में आ गए. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 दर्ज की गई. हालांकि इस भूकंप से अभी तक कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर सामने नहीं आई है.
फिलहाल सुनामी की संभावना नहीं
इस भूकंप के आने से फिलहाल सुनामी आने की कोई संभावना नहीं जताई गई है. इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एजेंसी का कहना है कि इस भूकंप की तीव्रत 6.0 से कम थी. जिसके चलते सुनामी की कोई संभावना नहीं है. बता दें कि इंडोनेशिया में पहले भी कई बार विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं. जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई है और भारी नुकसान भी हुआ है.
चार साल पहले इंडोनेशिया में आया था विनाशकारी भूकंप
इससे पहले जनवरी 2021 में भी सुलावेसी में तीव्र भूकंप आया था. रिक्टर स्कैल पर उस भूकंप की तीव्रता 6.2 दर्ज की गई थी. इस भूकंप से कई घर और इमारतें गिर गई थीं. जिसके मलबे में दबकर 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. जबकि हजारों लोग बेघर हुए थे.
2018 में भी भूकंप ने मचाई थी तबाही
वहीं साल 2018 में भी इंडोनेशिया में एक विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी. ये भूकंप भी सुलावेसी के पालू में आया था. 7.5 तीव्रता के इस भूकंप से कई इमारतें धराशायी हो गई थीं, जिनमें 2,200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. इसके आलावा 2004 में इंडोनेशिया के आचे प्रांत में 9.1 तीव्रता का भूकंप आया था. इस भूकंप के बाद समुद्र में सुनामी आ गई थी जिसमें एक लाख 70 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे.
क्यों बार-बार कांपती है इंडोनेशिया की धरती?
बता दें कि इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है. जिसके चलते धरती के इस इलाके में अक्सर भूकंप के झटके आते रहते हैं. इंडोनेशिया की धरती के नीचे अक्सर टेक्टोनिक प्लेटें जोर से टकराती हैं. जो देश में विनाशकारी भूकंप की वजह बन जाती हैं. ये टेक्टोनिक प्लेटें जापान से लेकर दक्षिण पूर्व एशिया और प्रशांत बेसिन तक फैली हुई हैं.