प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को मिले 80 प्रतिशत से अधिक घर : मोदी

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय न्यू अर्बन इंडिया कान्क्लेव का शुभारंभ करते हुए कहा कि आज ही 75 हजार लोगों को उनके घर की चाबियां मिली हैं। आने वाले उत्सव अपने नए घर में ही मनाएंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों से मैंने बात की है तो मुझे बहुत संतोष मिला। मुझे उनका निमंत्रण भी मिला है। मुझे इस बात की भी खुशी होती है कि देश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो घर दिए जा रहे हैं, उनमें 80 प्रतिशत से अधिक महिलाओं का है या फिर वह संयुक्त रूप से मालिक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे यह भी बताया गया कि योगी सरकार ने तो महिलाओं के घरों से जुड़ा एक फैसला किया है। 10 लाख की कीमत तक के आवास की रजिस्ट्री कराने पर महिलाओं को दो प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। योगी सरकार का यह प्रशंसनीय निर्णय है।

मोदी ने कहा कि किसी परिवार में जाइए अगर मकान है तो पति के नाम पर, खेत है तो पति के नाम पर, गाड़ी, स्कूटर और दुकान भी पति के नाम पर। अगर पति नहीं रहा तो बेटे के नाम पर। उस मां के नाम पर कुछ भी नहीं होता है। एक संतुलन बनाने के लिए कुछ कदम उठाना पड़ता है। इसलिए हमने यह निर्णय लिया कि जो आवास वितरित किए जाएंगे उसका मालिकाना हक महिलाओं को दिए जाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि साथियों आज लखनऊ के लिए एक और बधाई का अवसर है। लखनऊ ने अटल जी के रूप में एक विजनरी मां भारती के लिए समर्पित राष्ट्र नायक देश को दिया है। आज उनकी स्मृति में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में अटल बिहारी बाजपेई सेंटर स्थापित किया जा रहा है। मुझे विश्वास है अटल जी के विजन और उनकी सोच विश्व पटल पर जाएगी। देश की कनेक्टिविटी, लोगों की कनेक्टिविटी के लिए उनके प्रयास आज के भारत के लिए मजबूत नीव हैं। आप सोचें एक तरफ प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, दूसरी तरफ स्वर्णिम चतुर्भुज योजना। यानी दोनों तरफ एक साथ दृष्टि और दोनों तरफ विकास का प्रयास। साथियों वर्षों पहले जब अटल जी ने नेशनल हाईवे से देश के महानगरों को जोड़ने का विचार रखा था, तब तब कुछ लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि ऐसा संभव हो सकेगा।

कहा कि ‘छह साल पहले जब मैंने करोड़ों आवास और शौचालय की बात की, तब भी आदतन कुछ लोग यही सोचते थे कि इतना सब कुछ कैसे हो पाएगा। लेकिन आज इन अभियानों में भारत की सफलता दुनिया देख रही है। भारत आज पीएम आवास योजना के तहत जितने घर बना रहा है वह दुनिया के कई देशों में कुल आबादी से भी अधिक है। एक समय था जब घर की स्वीकृति से लेकर उसको बनाने तक वर्षों लग जाते थे। वह रहने लायक रह जाते थे कि नहीं सवालिया निशान खड़े होते थे। घर की साइज, एलॉटमेंट में हेरा फेरी, जर्जर भवन, यह सब मेरे गरीब भाइयों बहनों का भाग्य बना दिया गया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 में देश ने हमें सेवा करने का अवसर दिया। मैं उत्तर प्रदेश का विशेष आभारी हूं। आपने मुझे देश की संसद में पहुंचाया। जब आपने हमको दायित्व दिया तो हमने उसे निभाने की पूरी कोशिश की। 2014 के पहले जो सरकार थी उसने देश में शहरी आवास योजनाओं के तहत सिर्फ 13 लाख मकान ही मंजूर किए थे। इसमें भी सिर्फ आठ लाख ही मकान बनाए गए थे। 2014 के बाद से हमारी सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत एक करोड़ से ज्यादा घरों के निर्माण की मंजूरी दी। कहां 13 लाख कहां एक करोड़ 13 लाख। इसमें 50 लाख से ज्यादा घर लोगों को सौंपा भी जा चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साथियों एक पत्थर से इमारतें जोड़ी जा सकती है लेकिन उसे घर नहीं कहा जा सकता है। वह घर तब बनता है जब परिवार के हर सदस्य का सपना जुड़ा हो। तब इमारत घर बन जाती है। हमने घरों के डिजाइन से लेकर निर्माण तक की आजादी लाभार्थियों को सौंप दी है। उनकी मर्जी हो जैसी वैसा घर बनाएं। पहले इतना छोटा मकान बनता था कि उसमें रहना दूभर हो जाता था। 2014 के बाद हमारी सरकार ने आवास नीति भी बनाई। तय किया गया कि 22 स्क्वायर मीटर से नीचे कोई भी घर नहीं बनेगा। पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजना शुरू किया। पीएम आवास योजना शहरी के तहत केंद्र सरकार ने करीब करीब एक लाख करोड़ रुपये गरीबों के बैंक खाते में ट्रांसफर किए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां कुछ महानुभाव कहते रहे हैं कि हमने प्रधानमंत्री तो बना दिया लेकिन मोदी ने किया क्या ? मैं आपको आज ऐसी बात बताना चाहता हूं कि बड़े—बड़े विरोधी जो दिन-रात हमारा विरोध करने में भी ऊर्जा खफत करते हैं, वह मेरा यह भाषण सुनने के बाद टूट पड़ने वाले हैं। लेकिन मुझे लगता है कि बताना चाहिए। मेरे साथी जो मेरे परिवार जन जो झुग्गी झोपड़ी में जीवन जीते थे। जिनके पास पक्की छत नहीं थी, ऐसे तीन करोड़ परिवारों को इस कार्यकाल में एक ही योजना से लखपति बनने का अवसर मिल गया है। इस देश में इस तरह के मोटा- मोटा अंदाज़ करें तो 25-30 करोड़ परिवार हैं। इतने कार्यकाल में तीन करोड़ परिवारों को आवास देकर लखपति बनाया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारें गरीबों के लिए घर बनवाना ही नहीं चाहती थी। 2017 के पहले पीएम आवास योजना के तहत यूपी के लिए 18000 घरों की स्वीकृति दी गई, लेकिन यहां की तत्कालीन सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत 18 घर भी बनाकर नहीं दिए। उत्तर प्रदेश के लोगों को सोचना चाहिए। आप कल्पना कर सकते हैं कि 18000 घरों की मंजूरी और गरीब के लिए 18 घर भी नहीं बनाया पैसा था, घरों की स्वीकृति थी लेकिन तब जो यूपी चला रहे थे वह इस योजना में अड़ंगा डाल रहे थे। उनके कृत्य को यूपी के लोग कभी नहीं भूल सकते। मुझे संतुष्टि है कि योगी जी की सरकार आने के बाद शहरी गरीबों को नौ लाख घर बना कर दिए गए हैं। शहर के 14 लाख आवास निर्माण की प्रक्रिया में हैं। उन आवासों में बिजली, पानी भी मिल रहा है।

मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आया हूं तो कुछ होमवर्क भी देने का मन कर रहा है। जनता की तरफ मुखातिब होकर योगी ने पूछा भी। अयोध्या में इस बार साढ़े सात लाख दिए जलाए जाएंगे। मैं उत्तर प्रदेश को कहता हूं की रोशनी के लिए इस स्पर्धा में मैदान में आएं। देखें कि अयोध्या ज्यादा दिए जलाता है या फिर जो नौ लाख घर दिए गए हैं, वह 18 लाख दिए जलाते हैं। जिन नौ लाख परिवारों को घर मिले हैं, वह दो-दो दिए जलाएं। भगवान राम को भी खुशी होगी। भाइयों बहनों बीते दशकों में हमारे शहरों में बड़ी-बड़ी इमारतें जरूर बनी हैं लेकिन जो इन इमारतों का निर्माण करते हैं उनके हिस्से में झुग्गियों का जीवन ही आता रहा है। झुग्गियों की स्थिति ऐसी जहां पानी और शौचालय जैसी मूल सुविधाएं तक नहीं थी। झुग्गी में रहने वाले हमारे भाई बहनों को पक्के घर बनाने मैं अब मदद मिल रही है।

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