
लखनऊ। पुराने लखनऊ में हजारों लोगों की जरुरतें पूरी करने वाला नक्खाश का पटरी बाजार विगत दो वर्षो के बाद रविवार को शुरु हो गया। पटरी पर लौटे दुकानदारों के चेहरे पर मुस्कान लौट आयी और सभी ने इसके लिए पुलिस प्रशासन का धन्यवाद किया।
पटरी दुकानदार कल्याण समिति के महामंत्री मोहम्मद नदीम ने कहा कि सड़क किनारे पटरी पर दुकानों वाली बाजार सिर्फ लखनऊ में नहीं लगती लेकिन यहां नक्खास पर लगने वाली पटरी बाजार की रौनक जगजाहिर है। यह पटरी बाजार प्रत्येक रविवार को लगता आया है।
उन्होंने कहा कि कोविड के पहले चरण और दूसरे चरण में पटरी दुकानदारों ने बड़ी समस्याएं झेली है। पुलिस प्रशासन की अनुमति के बाद पटरी बाजार पुन: शुरु हुआ तो हमारे कम पूंजी वाले दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है।
पटरी दुकानदार मुन्ना भाई कपड़े वाले ने कहा कि लखनऊ में सबसे पुराना पटरी बाजार यही है, नक्खास का बाजार। इस बाजार में बड़े लोग आते है तो छोटे लोगों का तो ये बाजार ही है। नक्खास के बाजार में घर की जरुरत की हर वस्तु मिलती है। यहां पटरी पर दुकान लगाकर सैकड़ों दुकानदार अपनी जीविका भी चलाते हैं।
चौक कोतवाली के निरीक्षक विश्वजीत सिंह ने बताया कि लाकडाउन के कारण नक्खास का पटरी बाजार सावधानी के कारण बंद कराया गया था। पटरी दुकानदारों ने पिछले वर्ष बाजार लगाने के लिए प्रयास किया था लेकिन अनुमति नहीं दी गयी थी।
उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग और पटरी दुकानदार कल्याण समिति की बातचीत के बात अनुमति दे दी गयी। बाजार में दुकानदारों को मास्क लगाने और भीड़ कम से कम एकत्रित करने की बात पर अनुमति दी गयी है। नक्खास का पटरी बाजार लखनऊ की सबसे बड़ी बाजार है और यहां प्रतिदिन हजारों में लोगों का आना जाना लगा रहता है।